

हरदा डिग्री कॉलेज के लाइफ साइंस विभाग द्वारा “Role of Microorganisms in Sustainable Agriculture and Biodiversity Conservation” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सतत कृषि एवं जैव विविधता संरक्षण में सूक्ष्मजीवों की महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराना रहा।
सेमिनार में कृषि विज्ञान केंद्र, हरदा से सीनियर साइंटिस्ट एवं हेड डॉ. संध्या मुरे तथा डॉ. ओमप्रकाश भारती (वैज्ञानिक, पादप संरक्षण) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में Sustainable Agriculture में सूक्ष्मजीवों के प्रभाव, मृदा उर्वरता (Soil Fertility), जैव उर्वरक (Biofertilizers), जैव कीटनाशक (Biopesticides) तथा जैव विविधता संरक्षण में सूक्ष्मजीवों की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि सूक्ष्मजीव न केवल पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देते हैं, बल्कि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। साथ ही उन्होंने आधुनिक कृषि में इको-फ्रेंडली तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।
सेमिनार के माध्यम से विद्यार्थियों को सतत कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिला। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में अनुसंधान उन्मुख सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं व्यावहारिक ज्ञान को विकसित करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर महाविद्यालय के डायरेक्टर, प्राचार्य एवं समस्त स्टाफ ने सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।